भगवद्गीता
रविवार, 17 जुलाई 2016
सर्वभौम
गुरू का उपदेश प्राणी मात्र के उत्थान के लिये है । गुरू के उपदेश प्रत्येक वर्ग प्रत्येक देश के स्त्री व पुरुष के लिये समान रूप से प्रभावी व फलदायी हैं । आत्मा प्रधान जीवन पाने के प्रत्येक जिज्ञासु के लिये मार्ग-दर्शन हैं ।
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