भवद्गीता में वर्णित ज्ञान के जिज्ञासुओं की आहर्ताओं और वेदों
में वर्णित सांसारिक वैभव की प्राप्ति के जिज्ञासुओं की आहर्ताओं में स्पष्ट अंतर
है । सांसारिक वैभवों की प्राप्ति के लिये व्यक्ति के जन्म के वंश और कुल तथा
स्त्री और पुरुष के मध्य भेद महत्वपूर्ण बताया गया है जबकि ज्ञान प्राप्ति के
जिज्ञासुओं के लिये यह विभाजन महत्वपूएण नहीं बताया गया है ।
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