बुधवार, 27 जुलाई 2016

अन्तर्भुति

इस रूप संसार के समस्त ज्ञात रूप में ब्रम्ह की क्षवि विद्यमान है । यह सत्य अकाट्य है । किसी भी रूप का अस्तित्व ब्रम्ह की क्षवि के उपस्तिति से ही सम्भव हुआ है । उस रूप की स्थिरता उस ब्रम्ह की क्षवि के विद्यमान रहने पर्यंत ही है । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें