रविवार, 12 मार्च 2017

महिमा गायन : चरण 10

अर्जुन गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण की महिमा गायन करते हुये आगे कहता है कि हे प्रभु आपके दिव्य रूप का साक्षात् दर्शन करके मैं बहुत खुश हुआ परंतु प्रभु मैं इस विराट रूप के दर्शन से बहुत भयभीत हो गया हूँ और हे प्रभु हे सम्पूर्ण संसार के प्रश्रय कृपा पूर्वक अपने पूर्व के रूप के दर्शन कराइये प्रभुश्री । 

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