भगवद्गीता
गुरुवार, 9 मार्च 2017
महिमा गायन : चरण 7
चरण 6 से क्रमश: - और जो कुछ भी अ-मर्यादित आचरण मुझसे चाहे खेल खेलते समय
,
चाहे मित्रवत् बैठे हुये और चाहे खाते हुये इतना ही नहीं चाहे अकेले में और चाहे लोगो की उपस्थिति में हुआ हो उसके लिये हे अतुलनीय बलशाली देवों के देव मुझे क्षमा करें प्रभू ।
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