शुक्रवार, 31 मार्च 2017

तुलना : चरण 3

चरण 2 से क्रमश: - के साथ युक्त होने की चेष्टा, अपनी ज्ञानेंद्रियों को नियंत्रित करके, अपने मस्तिष्क को प्रत्येक परिस्थिति में सम रखते हुये, सभी जीवों के कल्याण में अपने को हर्षित रखते हुये, प्रयत्न करते हैं, वे भी युक्त स्थिति को प्राप्त होते हैं इसमें कोई संशय नहीं है ।  

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