शनिवार, 4 मार्च 2017

महिमा गायन : चरण 2

अर्जुन गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण की महिमा गायन करते हुये आगे कहता है कि हे उत्कृष्ठतम उन्नत स्वत: अस्तित्व आप ब्रम्हा के भी सृजनकर्ता हैं आपही से समस्त उत्पत्ति हुई है आप अनंत है आप देवों के भी देव हैं सकल संसार के लिये आश्रय है आप अविनाशी हैं आप ज्ञेय और अज्ञेय दोनो ही हैं । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें