भगवद्गीता
मंगलवार, 21 मार्च 2017
कालातीत
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से कहे कि हे अर्जुन मेरे कालातीत स्वरूप का दर्शन वास्तव में बहुत ही कठिन कार्य है यहाँ तक कि देवता भी इस रूप के दर्शन के लिये लालायित रहते हैं
,
का साक्षात् दर्शन मैंने तुम्हे कराया है ।
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