अर्जुन गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण की
महिमा गायन करते हुये आगे कहता है कि हे महाप्रभु आप ही प्रथम देवता हैं आप ही
प्रथम पुरुष हैं आप ही सकल संसार के लिये आश्रय हैं । आप समस्त संसार को जानने
वाले है आपको को जानना ही संसार के लिये सर्वोच्च ज्ञान है और आप समस्त रूपों में
व्याप्त हैं आप अनंत हैं प्रभु ।
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