भगवद्गीता
सोमवार, 6 मार्च 2017
महिमा गायन : चरण 4
अर्जुन गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण की महिमा गायन करते हुये आगे कहता है कि हे प्रभु आपही वायु हैं आपही यम हैं आपही अग्नि हैं आपही वरुण हैं आपही शशांक हैं आपही प्रजापति हैं आपको हज़ार बार प्रणाम हैं आपको पुन: प्रणाम है आपको पुन: प्रणाम है ।
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