भगवद्गीता
सोमवार, 27 मार्च 2017
चिदानंद पुरुषोत्तम
ज्ञान का जिज्ञासु अर्जुन गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण से प्रश्न करता है कि निराकार अक्षर ब्रम्ह के साथ युत् होने को चेष्टारत और ब्रम्ह के साक्षात् रूप अवतार की निष्ठा पूर्वक सेवा मे युक्त भक्त इन दोनों में से किसे युति में अधिक सफलता मिलती है
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