भगवद्गीता
मंगलवार, 11 अगस्त 2015
सन्यास
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो व्यक्ति कर्म के फल की कामना किये बगैर कर्म को करता है वही सच्चा सन्यासी है वही सच्चा योगी है ना कि वह जो व्यक्ति जो पवित्र अग्नि का त्याग करता है और जो आहुत कर्म का त्याग करता है ।
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