मंगलवार, 20 अक्टूबर 2015

फल की व्याख्या

सत्य का ज्ञान मात्र मानसिक स्तर की खोज नहीं है अपितु आत्मा की सत्य अनुभूति होगी । योग साधना का अभ्यास व्यक्ति को इसी सत्य अनुभूति तक पहुँचाता है । गुरू यही बताते हैं कि इंद्रियों को नियंत्रण में रखते हुये अनुशासित मस्तिष्क को ब्रम्ह के ध्यान में केंद्रित रखने का अभ्यास करने वाला व्यक्ति ब्रम्ह की शांति की अनुभूति करता है । 

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