भगवद्गीता
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2015
अर्जुन की समस्या सतत्
अर्जुन योगेश्वर को अपने मस्तिष्क की दशा बताते हुये आगे कहता है कि मस्तिष्क अति चंचल दशा में है
,
भावुकता के वशीभूत है इसे वश में करना मेरे लिये अति दुष्कर हो रहा है ।
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