गुरुवार, 29 अक्टूबर 2015

अर्जुन की समस्या

गुरू द्वारा योग का विस्तार सुन कर अर्जुन कहा कि हे मधुसूदन आपने बताया कि योग की स्थिति के लिये मस्तिष्क की समता की स्थिति होनी चाहिये परंतु मैं अपने मस्तिष्क में व्याप्त व्यग्रता के कारण ऐसा महसूस करता हूँ कि समता की स्थिति पाने के लिये मेरे पास कोई स्थिर आधार नहीं है  

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