मंगलवार, 10 नवंबर 2015

पुन: अवसर

अर्जुन के भय निवारण के लिये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण आगे बताये कि यदि कोई व्यक्ति योग की स्थिति में कई वर्षों तक रहने के बाद भी विचलित हो जाता है तो भी उसे पुन: योग अभ्यास के लिये अवसर प्रदान करने के निमित्त से उसे शुद्ध और प्रगतिशील व्यक्ति के कुल में जन्म दिया जाता है । 

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