सोमवार, 16 नवंबर 2015

दृढ उद्यम

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो व्यक्ति अपने समस्त मानसिक विकारों को नियंत्रित करके योग की साधना में प्रयत्न करता है और पूर्ण सफलता पाने के लिये सतत् कई जन्मों तक प्रयत्नों को ज़ारी रखता है उसे योगावस्था की उच्चतम उपलब्धि प्राप्त होती है । 

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