भगवद्गीता
सोमवार, 30 नवंबर 2015
सत्य की प्रकृति
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि मेरी प्रकृति का पृथ्वी
,
जल
,
अग्नि
,
वायु
,
आकाश
,
मस्तिष्क
,
विवेक और अहंकार यह आठ प्रकार का विभाजन होता है ।
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