गुरुवार, 19 नवंबर 2015

सर्वश्रेष्ठ की व्याख्या

ब्रम्ह को पाने के लिये जितने भी मार्ग बताये गये हैं गुरू उन सभी की तुलना करते हैं । योगी जो अपने को ब्रम्ह के साथ युत करता है जोडता है । ब्रम्ह की उच्चतर प्रकृति आत्मा हम सभी के अंदर विद्यमान है । आत्मा को ब्रम्ह के साथ जोडना – आत्मा में ब्रम्ह की अनुभूति करना – आत्मा का अनुभव पाना यह योग का क्षेत्र है । तपस्वी भी उसी ब्रम्ह का अनुभव पाने के लिये अपने को समस्त सुख से वंचित कर तपस्या द्वारा साधना करता है । ध्यान के पथ से साधना कर ज्ञानमार्गी भी उसी ब्रम्ह का अनुभव पाना चाहता है । वेदों में वर्णित यज्ञ क्रियाँओं द्वारा कर्मकाण्डी भी उसी ब्रम्ह का ज्ञान पाने को चेष्टारत होता है । परंतु गुरू इन सभी में योगी को सर्व श्रेष्ठ बताते हैं । 

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