सोमवार, 9 नवंबर 2015

भयमुक्त की व्याख्या

गुरू का कथन व्यक्त करता है कि जो कार्य व्यक्ति ब्रम्ह से युक्त होकर करेगा उस कार्य को ब्रम्ह स्वयं देख रहा है कि किस निष्ठा से वह व्यक्ति उस कार्य को कर रहा है इसलिये असफलता की कल्पना कर के भयभीत मत होवो ब्रम्ह सदैव न्यायपूर्ण ही करेगा । आप अपनी निष्ठा के प्रति सज़ग रहो । आप अपनी निष्ठा को सत्य रखो । 

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