रविवार, 8 नवंबर 2015

भयमुक्त भविष्य

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन के मस्तिष्क में व्याप्त भय को जानने के बाद बोले हे पार्थ जो व्यक्ति योग का पथ अपनाता है उसका ना ही इस जन्म में और ना ही बाद के जन्मों में कोई भी अहित नहीं हो सकता है यहाँ तक कि हे मित्र जो व्यक्ति योग का पथ अपनाता है उसे किसी दु:ख का सामना नहीं करना पडता है । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें