भगवद्गीता
शनिवार, 14 अक्टूबर 2017
बुद्धिमान व्यक्ति
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुनको बताये कि उस बुद्धिमान व्यक्ति को
,
जो त्याग करता है
,
जिसके संशय समाप्त हो गये हैं और जिसका स्वभाव सात्विक है
,
अप्रिय कर्म से कोई घृणा नहीं होती और प्रिय कर्म से कोई अनुराग नहीं होता है ।
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