भगवद्गीता
रविवार, 15 अक्टूबर 2017
त्यागी
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि कर्म का पूर्ण त्याग किसी भी जीवधारी के लिये असम्भव है
,
परंतु जो व्यक्ति कर्म के फल का त्याग कर देता है वही त्यागी कहलाता है ।
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