भगवद्गीता
गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017
योजित क्रियांवन
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि कार्य को योजित करने में तीन अवयव है ज्ञान
,
ज्ञानका उद्देष्य और ज्ञान-योजित
-
कर्ता । इसी प्रकार कार्य के क्रियांवन में तीन अवयव हैं साधन
,
कर्म और कार्य का कर्ता ।
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