सोमवार, 16 अक्टूबर 2017

प्रिय अप्रिय मिश्रित

कर्म के फल के त्याग के सम्बंध में गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जिन्होने त्याग नहीं किया है, उन्हे मृत्यु के पश्चात् तीन प्रकार के प्रिय, अप्रिय और मिश्रित, फल निलते है परंतु जिन्होने त्याग कर दिया है उन्हे कोई फल नहीं मिलता है । 

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