सोमवार, 30 अक्टूबर 2017

तामसिक ज्ञान

गुणों के विज्ञान में ज्ञान के वर्गीकरण को आगे बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि परंतु जो ज्ञान किसी एक कार्य को ही सब कुछ मान लेता है और उसके कारण का कोई ध्यान नहीं रखता और तत्वार्थ को नहीं समझ पाता और जो संकीर्ण है, वह तामसिक ढंग का ज्ञान कहलाता है । 

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