भगवद्गीता
रविवार, 29 अक्टूबर 2017
राजसिक ज्ञान
गुणों के विज्ञान में ज्ञान के वर्गीकरण को आगे बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जिस ज्ञान के द्वारा विभिन्न प्राणियों में उनकी पृथकता के कारण अस्तित्व की विविधता दिखाई पडती है
,
उस ज्ञान को राजसिक ज्ञान समझना ।
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