भगवद्गीता
बुधवार, 13 जनवरी 2016
योगमाया
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि मैं अपनी योगमाया से ढका हुआ रहता हूँ इसलिये यह संसार मुझे जानता नहीं है । मैं अजन्मा हूँ । मैं परिवर्तनों से रहित हूँ ।
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