बुधवार, 6 जनवरी 2016

विश्वास का रक्षक

गुरू बताते हैं कि ब्रम्ह भक्त के विश्वास का रक्षक होता है । इसलिये वह भक्त जिस भी रूप में सत्य विश्वास करके सच्चे भाव से प्रार्थना अर्पित करता है ब्रम्ह उसी रूप में प्रगट होकर उसकी प्रार्थना पूर्ण करता है और उसके मन के विश्वास की रक्षा करता है । 

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