भगवद्गीता
मंगलवार, 19 जनवरी 2016
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुनको बताये कि जिन व्यक्तियों के पाप का अंत हो गया है
,
जो व्यक्ति प्रकृतीय मोह से उत्पन्न होने वाले द्वैतो के त्रास से मुक्त हो गये हैं
,
वे व्यक्ति पूर्ण निष्ठा से समर्पित भाव से मेरी उपासना करते हैं ।
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