भगवद्गीता
गुरुवार, 21 जनवरी 2016
आध्यात्म
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो व्यक्ति मुझे शरणागत होकर वृद्धावस्था तथा मृत्यु जैसे भय से मुक्त होने को सचेष्ट होता है वह व्यक्ति अपनी आत्मा के आधार ब्रम्ह का जान पाता है ।
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