भगवद्गीता
सोमवार, 4 जनवरी 2016
विश्वास का फल
विभिन्न देवताओं की वंदना करने वाले व्यक्तियों के सम्बंध में गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण आगे बताये कि जिस भी रूप के समक्ष व्यक्ति अपनी इच्छापूर्ति की कामना से बंदना करता है मैं उसकी इच्छा की पूर्ति करके उसकी आस्था को उसी रूप में दृढ कर देता हूँ ।
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