गुरू द्वारा बताये गये ब्रम्ह के रहस्य के उपदेश के अनुसार
ब्रम्ह ही इस रूप संसार की उत्पत्ति का सनातन बीज़ है, उसी ब्रम्ह से ही इस रूप संसार के समस्त रूपों का उदय हुआ है ।
ब्रम्ह की ही शक्ति से यह रूप संसार यथा स्थित अपने रूप में स्थिर है । समयांतर से
इस रूप संसार का विलय भी ब्रम्ह की प्रकृति मे होता है ।
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