भगवद्गीता
गुरुवार, 5 मई 2016
आराध्य को
पुण्यात्मा संतों के कृतो को और आगे बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बताये कि ऐसे दृढ प्रतिज्ञ संत अटल समर्पित भाव को संजोये हुये मेरी महिमामण्डल में भक्तिपूर्वक पूजते हैं और सदैव मर्यादित आचरण बर्तते हैं ।
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