गुरू का उपदेश बताता है कि जो व्यक्ति जिस लक्ष्य को पाने की
कामना से उपासना करेगा उसे वही लक्ष्य मिलेगा । जो व्यक्ति देवलोक के सुखभोग के
लक्ष्य से वेदों में वर्णित पथ से पूजा करेगा उसे सुखभोग मिलेगा । जो व्यक्ति
ब्रम्ह की दिव्य शांति को लक्ष्य कर ब्रम्ह की पूजा करेगा उसे ब्रम्ह की दिव्य
शांति मिलेगी ।
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