रविवार, 8 मई 2016

तीन वाँक्षनायें

ज्ञान प्राप्ति की सर्वोच्च उपलब्धि के लिये गुरू द्वारा पुण्यात्मा संतों के उदाहरण के माध्यम से  तीन अनिवार्य वाँक्षनाये  बतायी गई हैं (1) उचित का विवेक, (2) समर्पित भाव तथा (3) सतत अपने कर्म दायित्व में संलग्न रहना । 

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