भगवद्गीता
रविवार, 8 मई 2016
तीन वाँक्षनायें
ज्ञान प्राप्ति की सर्वोच्च उपलब्धि के लिये
गुरू द्वारा पुण्यात्मा संतों के उदाहरण के माध्यम से
तीन अनिवार्य वाँक्षनाये बतायी गई हैं
(1)
उचित का विवेक
, (2)
समर्पित भाव तथा (3) सतत अपने कर्म दायित्व में संलग्न रहना ।
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