मंगलवार, 10 जनवरी 2017

अवलोकन

गुरू दिव्य दर्शन का विसतार और आगे बताते हुये जिज्ञासु अर्जुन से कहे कि आदित्यों, वसुओं, रूद्रों, दो अश्विन, और मरुतों का अवलोकन करो, हे अर्जुन और भी अनेकों आश्चर्यजनक रूपों का अवलोकन करॉ जिसे पूर्व में तुमने कभी नहीं जाना होगा । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें