हिंदू धर्म में “वसुओं” को देवताओं
के राजा इंद्र के सहायक देवता के रूप में बताया गया है । इनकी संख्या 8 बतायी गई
है । इन्हे “अष्ट वसु” कहा गया है । ये प्रथम स्तर पर इंद्र के सहायक देवता हैं और
द्वितीय स्तर पर श्रीहरि विष्णु के सहायक देवता भी हैं । “वसु” शब्द का शाब्दिक
अर्थ होता है – बसने वाले, निवास करने वाले, रहने वाले । यह प्रकृतीय प्रक्रियाँओं के
नियंत्रक होते हैं ।
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