मंगलवार, 17 जनवरी 2017

एकीकृत की व्याख्या

दिव्य स्वरूप का दर्शन वास्तविकता में भूतकाल, वर्तमानकाल, और भविष्य काल को एकीकृत एक समयस्थल पर अनुभवकरने का वृतांत है । यह एक अनुभूति है । मनुष्य की कल्पना शक्ति का परिचायक है । यह भूत, वर्तमान और भविष्य को एकीकृत वर्तमान में देखना है अनुभव करना है । 

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