शुक्रवार, 6 जनवरी 2017

साक्षात् दर्शन के दृष्टांत

महाभारत ग्रंथ में दृष्टांत वर्णित है कि, जिस समय श्रीकृष्ण दुर्योधन के साम्राज्य में दूत बनकर, मौखिक संवाद के द्वारा कौरवों और पाण्डवों के मध्य विवाद का हल दूढने के प्रयत्न में गये थे, उस समय दुर्योधन ने उन्हे बलपूर्वक बंदी बना लेने का पूरा प्रयत्न किया था । उस अवसर पर श्रीकृष्ण ने उसे अपने दिव्य रूप का दर्शन कराया था जिसे देखकर वह भयभीत हो गया तथा अपने उद्देष्य का परित्याग कर दिया था |  

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