‘मरुत” को वैदिक काल में “रूद्र” का पुत्र
बताया गया है । इनकी संख्या के विषय में अनेक मत हैं । यथा दो, सत्ताइस, साठ । यह बादलों के संचालक, वायु को गति देने वाले, पेडों को गिराने वाले, पर्वतो के पद के उपदेवता हैं । इन्हे इंद्र के सहायक देवता के
रूप में बताया गया है । यह कई बार इंद्र के साथ युद्ध में भी सम्मलित हुये हैं ।
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