दिव्य रूप का दर्शन प्रत्येक
रूप में एक ब्रम्ह तथा एक ब्रम्ह में प्रत्येक रूप के दर्शन का वृतांत हैं । दिव्य
रूप में प्रत्येक रूप पूरे रूपों की क्षवि निरूपित करने वाला है । ब्रम्ह से
प्रत्येक रूप है । प्रत्येक रूप में ब्रम्ह की क्षवि है । यह एक धारणा का क्षवि
रूप में चित्रण है । यह क्षवि मानसिक शक्ति द्वारा ही ग्राह्य हो सकती है । इस
क्षवि का दर्शन आँखों से नहीं सम्भव है ।
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