शनिवार, 28 जनवरी 2017

दिव्य स्वरूप का साराँश

दिव्य रूप का दर्शन प्रत्येक रूप में एक ब्रम्ह तथा एक ब्रम्ह में प्रत्येक रूप के दर्शन का वृतांत हैं । दिव्य रूप में प्रत्येक रूप पूरे रूपों की क्षवि निरूपित करने वाला है । ब्रम्ह से प्रत्येक रूप है । प्रत्येक रूप में ब्रम्ह की क्षवि है । यह एक धारणा का क्षवि रूप में चित्रण है । यह क्षवि मानसिक शक्ति द्वारा ही ग्राह्य हो सकती है । इस क्षवि का दर्शन आँखों से नहीं सम्भव है । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें