शुक्रवार, 13 जनवरी 2017

“रूद्र”

संस्कृत में “रूद्र” को ऋगवेद में वर्णित देवता बताया गया है । ये देवता वायु के प्रचण्ड तूफानों तथा बन एवं पहाड के विस्तृत सुनसान क्षेत्रके अधिपति होते हैं । ऋगवेद में “रूद्र” शब्द का प्रयोग “गरजने वाले” और “प्रचण्डतम से भी प्रचण्ड” के रूप में किया गया है । यजुर्वद में “रूद्रम” जो कि “रूद्र” को प्रसन्न करने का मंत्र गायन वर्णित है वह शैव-धर्म सम्प्रदाय का महत्वपूर्ण मंत्र है । 

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