भगवद्गीता
गुरुवार, 13 जुलाई 2017
अबाधित भक्ति
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो व्यक्ति अखण्ड भक्ति से युक्त होकर मेरी सेवा करता है
,
वह तीनों गुणों के प्रभाव से ऊपर उठ जाता है उसके फलसे वह ब्रम्ह विलय के लिये योग्य पात्र बन जाता है ।
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