भगवद्गीता
शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
विषयों का भोग
आत्मा के सम्बंध में आगे बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि वह कान
,
आँख
,
स्पर्ष की इंद्रिय
,
स्वाद की इंन्द्रिय और नासिका तथा मन का उपयोग करता हुआ इंद्रियों के विषयों का आनंद लेता है ।
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