भगवद्गीता
रविवार, 23 जुलाई 2017
परम् धाम
शाश्वत् पद को बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि उसे ना तो सूर्य प्रकाशित करता है
,
ना चंद्रमा और ना ही अग्नि । वह मेरा परम् धाम है
,
जहाँ पहुँचकर फिर वापस नहीं लौटना होता ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें