आत्मा के सम्बंध में आगे बताते हुये
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जब वह शरीर को छोडता है या उसमें रहता
है या गुणों के सम्पर्क में आकर उपयोग करता है, उस समय मूढ लोग (अंतर्वासी आत्मा को) नहीं देख पाते । परंतु
जिनके ज्ञान की आंख है (या ज्ञान जिनकी आंख है) वे उसे देख पाते हैं ।
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