शनिवार, 1 जुलाई 2017

सुख दु:ख अज्ञान

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि अच्छे (सात्विक) कर्म का फल सात्विक और निर्मल कहा जाता है, राज़सिक कर्मों का फल दु:ख होता है और तामसिक कर्म का फल अज्ञान होता है । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें