मोक्ष अंतिम लक्ष्य होता है । मोक्ष
– अज्ञान से मुक्ति । सत्व, रज़स् और तमस् अज्ञान की जननी हैं ।
इन गुणो से मुक्ति अज्ञान से मुक्ति है । परंतु जैसा कि यथास्थिति है, प्रत्येक जीव असंख्य जन्मों से इस अज्ञान से
आच्छादित, जीवन मृत्यु के चक्र में चलता रहा
है । इसलिये गुरू इनका विस्तार से परिचय बताये, पुन: इनका फल बताये,
पुन: इनके प्रभाव से जीवन का स्वरूप बताये हैं । गुरू का प्रयत्न हैं कि जीव
वर्तमान में किसी भी स्तर पर हैं उसे हताश होने की आवश्यकता नहीं है बल्कि क्रमबद्ध
उन्नति को प्रयत्नशील होना अपेक्षित है ।
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