मंगलवार, 4 जुलाई 2017

उन्नति क्रम

मोक्ष अंतिम लक्ष्य होता है । मोक्ष – अज्ञान से मुक्ति । सत्व, रज़स् और तमस् अज्ञान की जननी हैं । इन गुणो से मुक्ति अज्ञान से मुक्ति है । परंतु जैसा कि यथास्थिति है, प्रत्येक जीव असंख्य जन्मों से इस अज्ञान से आच्छादित, जीवन मृत्यु के चक्र में चलता रहा है । इसलिये गुरू इनका विस्तार से परिचय बताये, पुन: इनका फल बताये, पुन: इनके प्रभाव से जीवन का स्वरूप बताये हैं । गुरू का प्रयत्न हैं कि जीव वर्तमान में किसी भी स्तर पर हैं उसे हताश होने की आवश्यकता नहीं है बल्कि क्रमबद्ध उन्नति को प्रयत्नशील होना अपेक्षित है । 

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