भगवद्गीता
रविवार, 12 नवंबर 2017
धृति
ध्यान की स्थिरता
,
जिसके द्वारा हम उन बहुत सी बातों को जान पाते हैं
,
जिन्हे हमारी साधारण दृष्टि देख पाने में समर्थ नहीं है । इसकी शक्ति अतीत के लिये पश्चाताप और भविष्य के लिये चिंताओं के साथ हमारी अनासक्ति के अनुपात में होती है ।
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